साइट अथराइज़ेशन / Site Authorization का विकल्प गूगल ऐडसेंस में पहले से मौजूद है यानि आप सिर्फ़ मनचाही साइटों पर विज्ञापन दिखाने की सुविधा मिल जाती है। ऐसा करने आपकी ऐड यूनिट का दुरुपयोग होने की सम्भावना बिल्कुल समाप्त हो जाती है।

AdSense - Authorizing your sites

गूगल ऐडसेंस में साइट्स को कैसे अथराइज़्ड करते हैं?

AdSense - Authorizing your sites

  • गूगल एडसेंस खाते में प्रवेश करें
  • ऊपर दायीं ओर दिये गियर आइकन पर क्लिक करने सेटिंग्स का विकल्प चुनें
  • अब बायीं ओर खुलने वाली साइडबार में "एक्सेस और अथराइज़ेशन"/ Access and authorization पर क्लिक कीजिए
  • यहाँ आपको एक "साइट्स अथराइज़्ड टू शो ऐड्स" / Sites authorized to show ads चेक बॉक्स दिखेगा। जिस पर क्लिक करके आप मनचाही साइटों अथराइज़्ड कर सकते हैं। सिर्फ़ इन्हीं साइटों पर लगे विज्ञापनों से आपको आमदनी होगी।

इस सेटिंग को पूरी तरह प्रभावी होने में लगभग 48 घंटे लगते हैं।

उन साइटों का क्या, जो अथराइज़्ड साइटों की सूची में नहीं होती हैं?

What happens to sites that I don't authorize?

यदि कोई व्यक्ति आपकी ऐड यूनिट किसी दुर्भावना से अपनी साइट पर लगाकर उस पर फर्जी क्लिक करता है। तो इन क्लिक के लिए विज्ञापन प्रदाता से पैसे चार्ज नहीं किये जायेंगे या दूसरे शब्दों में विज्ञापन पर क्लिक होने से आपको कोई आमदनी नहीं होगी और न ही फर्जी क्लिक होने के कारण आपका ऐडसेंस अकाउंट बंद होगा।

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हमारे देश में टाइमपास ब्लॉगिंग और प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग के बीच का अंतर बहुत कम लोग समझते है। यदि आप किसी से कहें कि आप ब्लॉगिंग को प्रोफ़ेशनल करियर के तौर पर अपनाना चाहते हैं और बिना घर से बाहर निकले कमाना चाहते हैं तो आपके घर वाले, रिश्तेदार और दोस्त सभी आपको अनेक सलाहें देने लगेंगे। उन्हें यह यक़ीन दिलाना कि ब्लॉगिंग से घर चलाया जा सकता है, आपको नामुमकिन-सा लगेगा। हालँकि भारतीय समाज में तकनीक ने पहले की अपेक्षा काफी तेज़ी से पैर पसारे हैं। लेकिन लोग ब्लॉग लिखना सिर्फ़ शौक है ऐसा मानने वालों की संख्या बहुत अधिक जो आपके काम में टाँग अड़ाते रहते हैं। आपके सुबह आफ़िस न जाने को बेरोज़गारी मानते हैं। आइए इस लेख में ब्लॉगिंग और बेरोज़गारी से सम्बंधित अन्य भ्रांतियों को जानने का प्रयास करते हैं|

इंटरनेट युग आ चुका सारी दुनिया एक दुसरे से तकनीक रूप से एक नज़र आने लगी है, लेकिन यदि आप ये कहें कि आप घर बैठे किसी दूसरे देश के लोगों के साथ ऑनलाइन ब्लॉगिंग बिज़नेस कर रहे हैं तो लोग अपनी आँखें छोटी कर लेते हैं क्योंकि उनकी नज़र में ये कोई उपलब्धि नहीं है।

इसका प्रमुख कारण भारतीय समाज में नौकरी को लेकर व्याप्त रुढ़िवाद है। आज भी हमारे पड़ोसी और कई रिश्तेदार कम्प्यूटर शिक्षित नहीं हैं जो कि एक जेनेरेशन गैप को जन्म देता है।

भारत में प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग के क्या मायने हैं?


Blogging Skills And Earning

आप जीवन भर घर बैठकर नहीं कमा सकते हैं -


रुढ़िवादी समाज सुबह 10 से शाम 5 की घर से बाहर जाकर नौकरी करने को ही कमाने का ज़रिया मानता है। भारत में लोग आज भी हजम नहीं कर पाते हैं कि आप घर बैठकर उनसे ज़्यादा कमा लेते हैं। जब कभी सैलरी की बात आती है तो आपकी कमाई को वह सैलरी नहीं मानते हैं। बड़ी बात तो यह है कि वो इसे बिज़नेस भी नहीं मानते हैं।

यदि आपने अभी-अभी ग्रैजुएशन पूरा किया है और घर बैठकर कमाना चाहते हैं तो यह बात आपके घर वालों और रिश्तेदारों को बिल्कुल समझ में नहीं आयेगी। कहेंगे घर बैठे रहोगे तो शादी के लिए अच्छा रिश्ता नहीं मिलेगा, समाज तुम्हें कभी कमाऊ नहीं समझेगा। आप समाज के दबाव को कितना झेल सकते हैं यह निर्भर करता है आपके घर के सदस्यों पर, क्योंकि आप उनसे जुड़े हैं। जब वो ख़ुद को शर्मिंदा समझते हों तो आप गर्दन उठाकर कैसे चल सकते हैं।

भारत में ऑनलाइन कमाई को आमदनी का प्रमुख स्रोत नहीं माना जाता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में इंटरनेट प्रयोग करने वालों की संख्या बहुत कम है। सिर्फ़ शहरों में ही इंटरनेट का प्रचलन अधिक है। इसे आप कमी के रूप में भी देख सकते हैं या सम्भावनाएँ भी खोज सकते हैं।

लोग ब्लॉगिंग को बिज़नेस नहीं मानते हैं


मैं प्रोफ़ेशनल ब्लॉगिंग में सात साल से भी ज़्यादा समय बिता चुका हूँ लेकिन जब कोई मुझसे पूछता है कि मैं क्या करता हूँ तो उन्हें ब्लॉगिंग के बारे में समझाना कठिन हो जाता है क्योंकि ज़्यादातर लोगों को ब्लॉगिंग के बारे में ठीक से कुछ भी नहीं पता है वो इसे सिर्फ़ टाइम पास बोलते हैं और आपको काम-धंधा खोजने की सलाह देने से नहीं चूकते हैं। वो आपको बताने लगते हैं उनका जानने वाला कोई सरकारी नौकरी में अफ़सर हो गया या फिर विदेश में अच्छी कमाई कर रहा है। तुम इनसे कुछ सीख लो, जीवन में आगे बढ़ो।

भारत में अधिकांश प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर दूसरों के सामने ख़ुद को वेबसाइट डिवेलपर बताते हैं या फिर ऐसा ही कुछ मिलता जुलता जो सामने वाले को आसानी से समझ आ जाये।

ब्लॉगिंग और समाज की पॉज़िटिव सोच


शायद आगे आने वाले समय में प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर समाज में अपनी स्थिति को मजबूत बना सकें और गर्व से कह सकें कि वो प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर हैं। ये समाज के सामने नज़र चुराने का खेल ख़त्म हो जायेगा। इसके लिए आपको ही पहल करनी होगी -

Career Blogging and Society

1. अपने सभी जानने वालों को ब्लॉगिंग से जुड़ी पॉज़िटिव बातें बतायें। उन्हें ब्लॉगिंग से अतिरिक्त कमाई कराने की कोशिश करें। जिससे उनके नज़रिए में बदलाव आ सके। आख़िए पैसा किसी को काटता है क्या!!!

2. ब्लॉगिंग सिर्फ़ कविताएँ छापना या फिर अपने ख़याल दूसरों तक पहुँचाने के लिए नहीं है बल्कि आप अपना ज्ञान दूसरों के साथ बाँट सकते हैं और उनके काम आ सकते हैं। जिससे ब्लॉगिंग समाज में आपकी एक पहचान बन सकती है। बड़े प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर अपने नॉलेज और नाम के दम पर ही ऑनलाइन आमदनी कर पाते हैं।

3. भारतीय ब्लॉगिंग के नामी-गिरामी नाम एक महीने में ही लाखों कमा लेते हैं जो किसी नौकरी पेशा व्यक्ति की साल भर ही आमदनी के बराबर हो सकता है। लेकिन ब्लॉगिंग की शुरु करने के बाद बिजनेस की तरह कड़ी मेहनत और इनवेस्टमेंट भी करना पड़ता है। साथ आमदनी में उतार चढ़ाव होता है इसे भी नकारा नहीं जा सकता है।

बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ ब्लॉगिंग की ताक़त समझ चुकी हैं


सोशल मीडिया और ब्लॉगिंग से भारतीय मार्केट प्रभावित होता है इस बात को अनेक पीआर कम्पनियाँ समझ चुकी हैं। इसलिए वो सोशल मीडिया और ब्लॉग के ज़रिए अपने ग्राहकों के साथ जुड़े रहना चाहती हैं ताकि बिज़नेस को बढ़ाने में मदद मिले।

आज टेक गैजेट बनाने वाली लगभग सभी कम्पनियाँ ब्लॉगिंग के माध्यम से मोबाइल, लैपटॉप आदि गैजेट्स की अच्छी मार्केटिंग कर पाने में सफल हो रही हैं। जिससे उनके गैजेट की सेल बढ़ रही है।

ख़ास इनपुट


Scope of blogging

1. भारत में ब्लॉगिंग को अभी शुरुआती चरण में है इसलिए इसमें बहुत स्कोप है।

2. ब्लॉगिंग शुरु करने के लिए फंड के साथ-साथ सही मार्गदर्शक की बहुत आवश्यकता है

3. ब्लॉगिंग करने की सही विषय का चुनाव बेहद आवश्यक है, हर विषय आपको आमदनी कराये ये ज़रूरी नहीं है।

4. ब्लॉगिंग शुरु करने से पहले अपनी रुचि और क्षमता को परखना भी बहुत ज़रूरी है।

अंत में -

भारत में सीरियस प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, और आज के ब्लॉगर्स दुनिया को ये समझा सकते हैं ब्लॉगिंग बिजनेस है और इससे कमाई की जा सकती है।

आप अपने ब्लॉगिंग अनुभव नीचे टिप्पणी लिखकर हमसे शेअर कर सकते हैं।

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जबसे हिंदी भाषा की साइटों पर ऐडसेंस विज्ञापन दिखाने की अनुमति मिली है। तब से अनेक हिंदी साइटों पर विज्ञापन दिखायी देने लगे हैं। लेकिन साथ ही ऐडसेंस विज्ञापनों पर फर्जी क्लिक की समस्या भी सामने आ गयी है। अनेक वेबमास्टर इस समस्या से निपटना चाहते हैं, कुछ को इसका समाधान पता है तो कुछ आज भी इंटरनेट पर इसके उपाय खोज रहे हैं। हम आज इसी पर चर्चा करेंगे और आपके लिए काम की 7 टिप्स पेश करेंगे।

ऐडसेंस विज्ञापनों पर इंवैलिड क्लिक एक्टिविटी / Invalid Click Activity से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देना आवश्यक है।

AdSense invalid click activity

Prevent AdSense Invalid Click Activity


1. सबसे पहले आपको अपने साइट के ट्रैफ़िक और उस पर आने वाले पाठकों को समझना होगा। इसके लिए आपको साइट ट्रैफ़िक की रिपोर्ट को अलग-अलग भागों / Channels में बाँटना चाहिए।

2. ट्रैफ़िक में होने वाले अचानक बदलाव को जाँचने के लिए गूगल एनालिटिक्स रिपोर्ट / Analytics report को देखते रहना चाहिए। इसके लिए एनालिटिक्स रिपोर्ट के एलर्ट बहुत काम के साबित होते हैं। आप इन रिपोर्ट में यह आसानी से देख सकते हैं आपकी साइट पर आने वाला अतिरिक्त ट्रैफ़िक किस देश से आ रहा है, जहाँ से उसके आने की सम्भावना कम ही हो।

3. आजकल अपनी साइट के लिए ट्रैफ़िक ख़रीदना आम सी बात हो गयी है। इसलिए आप जब भी ट्रैफ़िक ख़रीदें तो अतिरिक्त सावधानी रखें और अपने ऐडसेंस की ट्रैफ़िक पॉलिसी का पूरा ध्यान रखें।

4. ऐडसेंस पॉलिसी का पालन करते हुए अपनी साइट पर विज्ञापन कोड सही जगह पर लगायें। ऐसी जगहों पर विज्ञापन न लगायें जहाँ पाठकों द्वारा उन पर बार-बार ग़लती से क्लिक होने की सम्भावना अधिक हो।

5. अपने ऐड कोड को किसी अन्य साइट पर प्रयोग न किया जा सके इसके लिए अथराइज़्ड साइट्स फ़ीचर / Authorized site feature का प्रयोग कीजिए।

6. अपने विज्ञापनों पर क्लिक मत कीजिए। चाहे विज्ञापन आपके लिए कितना ही महत्वपूर्ण क्यों न हो फिर भी आप अपनी साइट पर लगे विज्ञापनों पर कभी क्लिक मत कीजिए।

7. यदि आपको लगता है कि आपकी साइट पर लगे विज्ञापनों पर फर्जी क्लिक किये जा रहे हैं तो आपको इसकी सूचना तुरंत ऐडसेंस टीम को देनी चाहिए। ऐडसेंस को फर्जी क्लिक्स की जानकारी देने के लिए यह सम्पर्क फ़ार्म का प्रयोग करना चाहिए।

यदि आप ऐड ट्रैफ़िक की गुणवत्ता और काम की जानकारियों के लिए अधिक जानना चाहते है तो आपको ऐड ट्रैफ़िक क्वालिटी रिसोर्स सेंटर / Ad Traffic Quality Resource Center विजिट करना चाहिए।

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हाल ही में ब्लॉगर के डिफ़ॉल्ट विजेट लोकप्रिय पोस्ट (Popular Posts Widget) में एक त्रुटि आ गयी है। जिसके चलते विजेट में उतनी संख्या में लेख नहीं दिखायी दे रहे हैं जितने हम विजेट में दिखाना चाह रहे हैं। विजेट 7 या 10 लोकप्रिय पोस्ट ही दिखा रहा है, हम चाहकर भी उसकी संख्या 7 या 10 से कम या ज़्यादा नहीं कर पा रहे हैं।

Fix Blogger Popular Posts Gadget Error

1// उदाहरण के लिए यदि आप विजेट में 7 दिन में लोकप्रिय रहीं 5 पोस्टें दिखाना चाहें, और इस प्रकार सेटिंग्स करें -

Blogger - Configure Popular Posts

तो भी वह 7 पोस्ट ही दिखाता है। हम चाहे कोई भी विकल्प चुनें वह सिर्फ़ सात पोस्ट दिखाये न कम न ज़्यादा।

2// और यदि आप विजेट में 30 दिन में लोकप्रिय रहीं 5 पोस्टें दिखाना चाहें तो वह 10 पोस्ट ही दिखायेगा। आप चाहकर भी 10 से कम पोस्ट विजेट सेटिंग करने के बाद भी नहीं देख पायेंगे।

3// जबकि आप विजेट में पूरे समय में (जबसे ब्लॉग बना है) लोकप्रिय रहीं 5 पोस्टें दिखाना चाहें तो वह 5 पोस्ट दिखायेगा। मतलब वह विजेट सेटिंग में चुने हुए मान को दिखायेगा। यानि यह विकल्प ठीक काम कर रहा है उपरोक्त दो नहीं।

यदि आपके ब्लॉग पर मानचाहीं संख्या में लोकप्रिय पोस्टें नहीं दिख रही हैं और ब्लॉगर टीम द्वारा इस समस्या को सही करने पहले ही सही कर लेना चाहते हैं तो इसके लिए आप आगे दिया सीएसएस कोड ब्लॉगर टेम्पलेट में जोड़ना होगा। इसके लिए आपको बस इतना करना है -

1. ब्लॉगर डैशबोर्ड / Blogger Dashboard पर जायें
2. टेम्पलेट टैब / Template Tab पर क्लिक करें
3. एडिट एचटीएमएल / Edit HTML बटन को क्लिक करके टेम्पलेट एडीटर खोलें
4. टेम्पलेट एडीटर / Template Editor में ]]></b:skin> कोड खोजें
5. इस कोड के ठीक ऊपर नीचे दिया सीएसएस कोड / CSS Code पेस्ट करके टेम्पलेट में बदलाव सहेज दीजिए

मान लीजिए कि -
आप लोकप्रिय विजेट में 4 पोस्ट दिखाना चाहते हैं तो आपको नीचे दिया कोड प्रयोग करना चाहिए
.PopularPosts ul li:nth-child(n+5){display:none;}

यदि आप लोकप्रिय विजेट में 6 पोस्ट दिखाना चाहते हैं तो आपको नीचे दिया कोड प्रयोग करना चाहिए
.PopularPosts ul li:nth-child(n+7){display:none;}

अत: आपको मनचाही संख्या में लोकप्रिय पोस्ट दिखाने के लिए उपरोक्त सीएसएस कोड में m का मान एक अधिक रखना होगा।
.PopularPosts ul li:nth-child(n+m){display:none;}

इस कोड को ब्लॉगर टेम्पलेट में सहेज लेने के बाद लोकप्रिय विजेट आपकी मनचाही संख्या में पोस्ट दिखायेगा; आप चाहे 7 दिन या 30 दिन या पूरे समय में लोकप्रिय रहीं पोस्टें दिखाना चाहें।

आशा है यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

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पैन कार्ड यानि पर्मानेंट अकाउंट नम्बर एक बहुत आवश्यक डॉक्यूमेंट है, इसलिए नहीं कि यह इनकम टैक्स फ़ाइल करने में काम आता है, बल्कि इसलिए भी कि यह पहचान पत्र भी है। इसलिए पैन कार्ड खोने से आपको बहुत टेंशन हो सकती है और नया कैसे बने इसकी चिंता सता सकती है। लेकिन आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि पुराने कार्ड को दुबारा पाना या नया पैन कार्ड अप्लाई करना बहुत ही आसान है। आप अपने कम्प्यूटर में कुछ क्लिक करके पैन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

pan card form 49a new

STEPS TO APPLY FOR NEW OR DUPLICATE PAN CARD

1. इनकम टैक्स सर्विस (Income Tax Service Unit) के वेबसाइट पर जायें।
- https://tin.tin.nsdl.com/pan/

2. इनकम टैक्स सर्विस की वेबसाइट पर नया पैन कार्ड बनाने और उसे ट्रैक करने सम्बंधित सभी जानकारियाँ रहती हैं। आप अपने पैन कार्ड को दुबारा प्रिंट करवा सकते हैं या उसमें हुई किसी त्रुटि को सही कर सकते हैं। आवेदक यानि आप अपनी आवश्यकतानुसार विकल्प का चुनाव कर सकते हैं।

3. यदि आप पैन कार्ड के लिए नया आवेदन कर रहे हैं तो आपको साइट पर दिया फ़ॉर्म 49ए (Form 49A) को भरना होगा। आप फ़ॉर्म 49ए (Form 49A) में माँगी गयी जानकारी को ऑनलाइन भरकर जमाकर सकते हैं।

4. पैन कार्ड का आवेदन करने के बाद आपको एक्नॉलेजमेंट नम्बर मिल जायेगा। आपको इसे प्रिंट करके अपने पास रख लेना चाहिए। ताकि भविष्य में पैन कार्ड सम्बंधित जानकारियाँ पुन: प्राप्त की जा सकें।

5. पैन कार्ड आवेदन फ़ॉर्म (PAN Card Application Form) को प्रिंट करके इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भेजना चाहिए। इस फ़ॉर्म के साथ आपको पहचान पत्र और घर के पते का प्रमाण भेजना होगा। ध्यान रखने की बात है कि आवेदन के समय भरा गया नाम सभी प्रमाण पत्रों और फ़ॉर्म 49ए (Form 49A) पर एक ही होना चाहिए।

6. आपको आवेदन फ़ॉर्म पर अपनी फ़ोटो चिपकाकर सभी चिह्नित स्थानों पर अपना हस्ताक्षर करना चाहिए। फ़ोटो नयी और स्पष्ट होनी चाहिए क्योंकि यही आपके पैन कार्ड पर छपकर आयेगी।

7. भारतीय नागरिकों (निवासी) के लिए पैन कार्ड आवेदन शुल्क मात्र रुपये 106 लिया जाता है। आप डिमांड ड्रॉफ़्ट, चेक, क्रेडिट या डेबिट कार्ड या फिर नेट बैंकिग द्वारा यह शुल्क जमा कर सकते हैं। यदि आप भारत के अतिरिक्त अन्य देश में रह रहे हैं तो आपको रुपये 986 शुल्क देना होता है।

डिमांड ड्रॉफ़्ट और ऑनलाइन पेमेंट दोनों ही मुम्बई में देय होता है।

शुल्क अदा करने के बाद आपको इसे एक्नॉलेज फ़ॉर्म के साथ शुल्क रसीद भी भेजनी होती है।

8. आइए एक बार आवेदन फ़ॉर्म के साथ-साथ क्या भेजना इसकी सूची बना लें -
- आवेदन फ़ॉर्म (नवीनतम फोटो चिपकायें और हस्ताक्षर करें)
- आवेदक के पते का प्रमाण
- आवेदक का पहचान पत्र
- ऑनलाइन शुल्क जमा करने की स्थिति में शुल्क रसीद अथवा डिमांड ड्रॉफ़्ट / चेक

आवेदन फ़ॉर्म एन. एस. डी. एल., पुणे (NSDL, Pune) को 15 दिन के अंदर अवश्य भेज देना चाहिए। लिफ़ाफ़े के ऊपर बड़े अक्षरों में "APPLICATION FOR PAN - Acknowledgement Number" लिखना अनिवार्य है।

9. ऊपर बताये गये बिंदु सरल हैं। पैन कार्ड का आवेदन करने से पहले आप साइट पर दी गयी जानकारी को अवश्य पढ़ लें क्योंकि उसमें स्पष्ट दिया रहता है कि आपको क्या करना है और क्या नहीं करना है? एक्नॉलेजमेंट भेजने के बाद आप आवेदन की स्थिति जान सकते हैं।

पैन कार्ड आवेदन के लिए हिंदी दिशा निर्देश डाउनलोड करें।
- https://tin.tin.nsdl.com/pan/Guideline49A.pdf

आवेदन की स्थिति ऑनलाइन, पत्र व्यवहार अथवा एस.एम.एस. द्वारा पता की जा सकती है। इसके लिए आपको एक्नॉलेजमेंट संख्या की आवश्यकता होती है।

ऑनलाइन आवेदन की स्थिति जानने के लिए यहाँ जायें।
- https://tin.tin.nsdl.com/pan/changemode.html

एस.एम.एस. द्वारा आवेदन की स्थिति जानने के लिए 57575 पर आगे दिया एस.एम.एस. भेजें -
NSDLPAN <space> एक्नॉलेजमेंट संख्या

10. पैन कार्ड पर छपी या अन्य सम्बंधित जानकारी को बदलने के लिए नये पैन कार्ड के समान के आवेदन की प्रक्रिया को ही दोहराना होता है। लेकिन आवेदन करते समय आपको "Changes or Correction in PAN details" का विकल्प चुनना चाहिए। माँगी समस्त जानकारी भरते हुए उपरोक्त सभी चरण पूरे करने होते हैं। पैन कार्ड में सुधार अथवा बदलाव के लिए साइट पर अलग से जानकारी व निर्देश दिये गये हैं। कृपया उन्हें पढ़ना न भूलें।

पैन कार्ड में सुधार अथवा बदलाव के लिए हिंदी दिशा निर्देश डाउनलोड करें।
- https://tin.tin.nsdl.com/pan/GuidelineCR.pdf

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Vinay Prajapati

{picture#https://lh4.googleusercontent.com/-vUgjWI7F7XA/U4Ybmvuz21I/AAAAAAAAO88/rQDkwEhZq84/s400-no/profile_pics.png} एक प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर जो सभी के साथ ब्लॉगिंग का ज्ञान बाँटता है और अपने ग्राहकों के लिए वेबसाइट और ब्लॉग भी डिज़ाइन करता है। ब्लॉगिंग और ब्लॉग डिज़ाइन में 7 वर्षों से भी अधिक समय का अनुभव है। {facebook#https://www.facebook.com/vpnazar} {twitter#https://twitter.com/vinayprajapati} {google#https://plus.com/+vinayprajapati} {pinterest#https://www.pinterest.com/vinayprajapati} {youtube#https://www.youtube.com/c/techprevue} {instagram#https://instagram.com/vinayprajapati}
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